प्राणायाम के लिए पूर्ण मार्गदर्शन: स्वास्थ्य, शांति और दीर्घायु के लिए अभ्यास Complete Guide to Pranayama: Practice for Health, Peace & Longevity
प्राणायाम करने के लिए सामान्य दिशा-निर्देश Complete Guide to Pranayama: Practice for Health, Peace & Longevity लेखक: कैलाश बाबू योग योग की विशाल परंपरा में प्राणायाम का विशेष स्थान है। प्राणायाम का अर्थ केवल श्वास लेना और छोड़ना नहीं है, बल्कि यह हमारी नाड़ी तंत्र, मन और प्राण ऊर्जा को शुद्ध और संतुलित करने की एक गहन साधना है। प्राणायाम शुरू करने से पहले यह समझना आवश्यक है कि हमारे शरीर में नाड़ियों का जाल किस प्रकार कार्य करता है। नाड़ी तंत्र का ज्ञान योग के अनुसार हमारे शरीर में लगभग 72,000 नाड़ियाँ होती हैं। इनमें से 10 नाड़ियाँ प्रमुख मानी गई हैं, और उन 10 में से इड़ा, पिंगला और सुषुम्ना का विशेष महत्व है। इड़ा (चंद्र नाड़ी) – बाईं नासिका से जुड़ी हुई, शीतल और शांति प्रदान करने वाली। पिंगला (सूर्य नाड़ी) – दाईं नासिका से जुड़ी हुई, उष्णता और ऊर्जा प्रदान करने वाली। सुषुम्ना नाड़ी – रीढ़ की हड्डी के ...